"एनएसपी स्कॉलरशिप" का नाम आपने जरूर सुना होगा, खासकर तब जब आप या आपके परिवार में कोई छात्र है। लेकिन क्या आप वास्तव में जानते हैं कि NSP Scholarship Kya Hai? यह कैसे काम करती है, इसके पीछे सरकार की क्या सोच है, और इससे आपको क्या फायदा हो सकता है?
अगर नहीं, तो घबराइए नहीं। यह लेख हिंदी में NSP स्कॉलरशिप के बारे में आपके सभी सवालों के जवाब देगा। हम समझेंगे कि NSP है क्या, इसके क्या लाभ हैं, पात्रता क्या है, और आप 2025 के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं। साथ ही, हम आपको कुछ ऐसे महत्वपूर्ण टिप्स भी देंगे जिन्हें फॉलो करके आप अपनी स्कॉलरशिप के आवेदन को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।
NSP स्कॉलरशिप क्या है? (What is NSP Scholarship in Hindi?)
NSP का मतलब है नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (National Scholarship Portal) । यह भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालित एक ऑनलाइन वेबसाइट ([scholarships.gov.in](https://scholarships.gov.in/)) है । इस पोर्टल के माध्यम से केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, अन्य सरकारी एजेंसियाँ जैसे यूजीसी (UGC) और एआईसीटीई (AICTE) द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्तियों (Scholarships) के आवेदन, चयन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की जाती है ।
सरल शब्दों में कहें तो, NSP स्कॉलरशिप का मतलब सिर्फ एक स्कॉलरशिप नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा पोर्टल है जहाँ पर दर्जनों अलग-अलग स्कॉलरशिप Schemes उपलब्ध हैं। इसे एक "वन-स्टॉप शॉप" कह सकते हैं जहाँ कोई भी छात्र अपनी पात्रता के अनुसार स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकता है। इस पोर्टल को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना (NeGP) के एक मिशन मोड प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया है ताकि पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके । एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पोर्टल के माध्यम से अब तक 125 लाख से अधिक आवेदन जमा किए जा चुके हैं और 2000 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति राशि का वितरण किया जा चुका है ।
NSP स्कॉलरशिप के मुख्य उद्देश्य
इस पोर्टल को बनाने के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं :
1. शिक्षा को बढ़ावा देना और समावेशिता लाना: गरीब, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता देकर उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद करना। इसका लक्ष्य कक्षा 1 से लेकर पीएचडी स्तर तक के छात्रों तक पहुँचना है ।
2. ड्रॉप-आउट रेट कम करना: आर्थिक तंगी के कारण स्कूल/कॉलेज छोड़ने वाले छात्रों की संख्या को कम करना और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र सिर्फ पैसे की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए।
3. पारदर्शिता और दक्षता लाना: स्कॉलरशिप का पैसा सीधे छात्र के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए ट्रांसफर करना, ताकि बिचौलियों या किसी भी प्रकार की हेराफेरी की संभावना को पूरी तरह से खत्म किया जा सके । पोर्टल एक SMART ( सरलीकृत, मिशन-उन्मुख, जवाबदेह, उत्तरदायी और पारदर्शी ) सिस्टम पर काम करता है।
4. प्रक्रिया को सरल और एकीकृत बनाना: आवेदन से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और आसान बनाना। इसने केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न छात्रवृत्तियों के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान किया है ।
5. सटीक डेटाबेस तैयार करना: देश भर के छात्रों का एक विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करना और नीति निर्माण में मदद के लिए एक निर्णय सहायता प्रणाली (Decision Support System) के रूप में कार्य करना ।
NSP के तहत मुख्य स्कॉलरशिप योजनाएं
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और अन्य संस्थानों की दर्जनों छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए एक एकल मंच है। इन मुख्य योजनाओं को आमतौर पर निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:
1. केंद्रीय योजनाएं (Central Schemes)
ये विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा संचालित की जाती हैं।
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति: मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 के एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए है।
- पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति: कक्षा 11, 12, स्नातक (ग्रेजुएशन) और स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएशन) स्तर पर एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है।
- मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति: अल्पसंख्यक समुदायों के उन छात्रों के लिए है जो पेशेवर और तकनीकी कोर्स (जैसे बी.टेक, एमबीबीएस) कर रहे हैं।
- टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम: एससी छात्रों के लिए है जो आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ रहे हैं।
- राष्ट्रीय साधन-सह-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (NMMSS): कक्षा 9 और 10 के मेधावी छात्रों के लिए है।
2. यूजीसी योजनाएं (UGC Schemes)
ये योजनाएं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा चलाई जाती हैं और मुख्य रूप से स्नातकोत्तर स्तर और उससे ऊपर की शिक्षा के लिए होती हैं। एनएसपी पोर्टल पर इनकी एक विस्तृत सूची उपलब्ध है।
3. एआईसीटीई योजनाएं (AICTE Schemes)
ये योजनाएं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा संचालित की जाती हैं और तकनीकी तथा इंजीनियरिंग शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए हैं।
4. राज्य योजनाएं (State Schemes)
ये विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा संचालित की जाती हैं। प्रत्येक राज्य की अपनी विशिष्ट योजनाएं और पात्रता मानदंड हैं। एनएसपी पोर्टल पर जाकर आप अपने राज्य विशेष की योजनाओं को देख सकते हैं।
NSP पर मौजूद कुछ विशिष्ट और लोकप्रिय योजनाएं निम्नलिखित हैं:
- प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप: यह योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 के SC, ST, और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए है । इसका प्राथमिक लक्ष्य सेकेंडरी स्कूल स्तर पर ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।
- पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप: यह सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है और यह कक्षा 11, 12, स्नातक (ग्रेजुएशन), स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएशन) तथा अन्य डिप्लोमा कोर्सेज कर रहे SC, ST, OBC और EWS छात्रों के लिए है । इसमें ट्यूशन फीस के साथ-साथ रखरखाव भत्ता भी शामिल होता है।
- मेरिट-कम-मीन्स स्कॉलरशिप: यह योजना मुख्य रूप से अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी) के छात्रों के लिए है जो पेशेवर और तकनीकी कोर्स (जैसे B.Tech, MBBS, BBA, B.Pharma आदि) कर रहे हैं । इसमें छात्र की मेरिट (योग्यता) और परिवार की आर्थिक स्थिति (मीन्स) दोनों को आधार बनाया जाता है।
- टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम: यह योजना विशेष रूप से SC छात्रों के लिए है जो देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT, IIM, NIT, अग्रणी मेडिकल कॉलेज आदि में पढ़ रहे हैं । इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा तक उनकी पहुँच बनाना है।
- राष्ट्रीय साधन-सह-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (NMMSS): यह योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 के मेधावी छात्रों के लिए है, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक निश्चित सीमा से अधिक नहीं है।
NSP स्कॉलरशिप के लाभ (Benefits)
NSP स्कॉलरशिप केवल ट्यूशन फीस भरने से कहीं अधिक का लाभ प्रदान करती है:
- ट्यूशन फीस और अन्य शुल्क: ज्यादातर योजनाओं में कोर्स की ट्यूशन फीस का पूर्ण या आंशिक भुगतान शामिल होता है। कुछ योजनाओं में अन्य गैर-जमा योग्य (non-refundable) शुल्क भी कवर किए जाते हैं ।
- रखरखाव भत्ता: यह एक मासिक या वार्षिक भत्ता होता है जो छात्रों को किताबें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और अन्य दैनिक खर्चों के लिए दिया जाता है। आमतौर पर, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों (हॉस्टलर्स) को दिन में आने-जाने वाले छात्रों (डे स्कॉलर्स) की तुलना में अधिक रखरखाव भत्ता दिया जाता है।
- आवास और मेस शुल्क: टॉप क्लास एजुकेशन जैसी कुछ योजनाओं में होस्टल और मेस के खर्चों के लिए अलग से प्रावधान होता है।
- विविध भत्ते: कुछ योजनाओं में कंप्यूटर खरीदने, थीसिस तैयार करने, या अध्ययन से संबंधित अन्य विशेष खर्चों के लिए एकमुश्त राशि (लम्पसम ग्रांट) भी दी जाती है।
- पारदर्शिता और सीधा लाभ: सबसे बड़ा लाभ यह है कि धनराशि सीधे छात्र के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा की जाती है, जिससे भ्रष्टाचार और देरी की संभावना लगभग खत्म हो जाती है ।
- आत्मनिर्भरता और प्रोत्साहन: यह छात्रवृत्ति छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करती है और उन्हें आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देती है ।
NSP स्कॉलरशिप के लिए पात्रता (Eligibility)
हालाँकि प्रत्येक योजना की अपनी विशिष्ट पात्रता शर्तें होती हैं, लेकिन कुछ सामान्य शर्तें लगभग सभी के लिए समान हैं:
1. भारतीय नागरिकता: आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
2. शैक्षणिक योग्यता: आवेदक ने पिछली कक्षा में न्यूनतम निर्धारित अंक (आमतौर पर 50% या उससे अधिक) प्राप्त किए हों। मेरिट-कम-मीन्स जैसी योजनाओं में यह सीमा और अधिक हो सकती है।
3. पारिवारिक आय सीमा: ज्यादातर योजनाओं के लिए परिवार की सालाना आय एक निश्चित सीमा से कम होनी चाहिए। यह सीमा विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग है, जैसे कि :
- अल्पसंख्यक छात्र: ₹1 लाख से ₹2.5 लाख प्रति वर्ष
- SC/ST/OBC छात्र: ₹2.5 लाख से ₹3 लाख प्रति वर्ष
- सामान्य वर्ग (EWS): ₹2.5 लाख प्रति वर्ष (कुछ योजनाओं के लिए)
4. श्रेणी/वर्ग: आवेदक SC, ST, OBC, EWS, या अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होना चाहिए, या फिर किसी विशेष योजना के लिए पात्र होना चाहिए।
5. शैक्षणिक संस्थान: आवेदक किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा होना चाहिए ।
NSP स्कॉलरशिप के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी (सामान्यत: PDF या JPG फॉर्मेट में) तैयार रखनी चाहिए:
- आधार कार्ड: आवेदक का आधार नंबर अनिवार्य है।
- बैंक खाता पासबुक: बैंक खाता नंबर और IFSC कोड का स्पष्ट विवरण। खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी: रजिस्ट्रेशन और भविष्य की सभी सूचनाओं के लिए जरूरी।
- पिछली कक्षा की मार्कशीट: यह अकादमिक performance को सत्यापित करती है।
- आय प्रमाण पत्र: संबंधित तहसीलदार या लेखापाल द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
- जाति/वर्ग प्रमाण पत्र: यदि applicable हो (जैसे SC, ST, OBC प्रमाण पत्र)।
- निवास प्रमाण पत्र: कुछ योजनाओं के लिए राज्य का निवासी होना जरूरी होता है।
- वर्तमान शैक्षणिक वर्ष का प्रवेश/ऐडमिशन स्लिप।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
NSP पर आवेदन कैसे करें? (How to Apply on NSP)
NSP पर आवेदन करने की प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है :
1. वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR): सबसे पहले NSP की आधिकारिक वेबसाइट [scholarships.gov.in](https://scholarships.gov.in/) पर जाएं। होमपेज पर 'New Registration' या 'Student Registration' के लिंक पर क्लिक करें। इसमें अपना आधार नंबर, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खाते का विवरण भरें। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको एक एप्लीकेशन आईडी (Application ID) प्राप्त होगी। इसे सुरक्षित रख लें क्योंकि यह भविष्य में लॉगिन के काम आएगी।
2. लॉग इन करें: वेबसाइट पर 'Student Login' के विकल्प पर क्लिक करें। अपनी Application ID और पासवर्ड डालकर लॉग इन करें।
3. आवेदन फॉर्म भरें: लॉगिन के बाद, डैशबोर्ड पर 'Application Form' या 'Apply for Scholarship' का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करें। अब उस स्कॉलरशिप स्कीम को चुनें, जिसके लिए आप आवेदन करना चाहते हैं (जैसे पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप)। फॉर्म में शैक्षणिक विवरण, पारिवारिक आय, और अन्य जानकारी ध्यानपूर्वक भरें।
4. दस्तावेज अपलोड करें: फॉर्म भरने के बाद, सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके पोर्टल पर निर्धारित स्थान पर अपलोड करें। यह सुनिश्चित कर लें कि सभी दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य हैं।
5. फाइनल सबमिट: सभी जानकारी और दस्तावेजों को दोबारा जाँच लें। एक बार संतुष्ट होने के बाद 'Final Submit' बटन दबा दें। चेतावनी: फाइनल सबमिट के बाद आवेदन में सुधार की सुविधा सीमित होती है।
6. अभिस्वीकृति पर्ची (Acknowledgement Slip) डाउनलोड करें: सबमिशन के बाद, एक अभिस्वीकृति पर्ची जेनरेट होगी। उसका प्रिंट आउट निकाल लें या उसे सेव कर लें। इसमें आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number) होती है, जिसके through आप भविष्य में अपने आवेदन की स्थिति (Application Status) चेक कर सकते हैं।
NSP स्कॉलरशिप की राशि कब और कैसे मिलती है?
आवेदन और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा कर दी जाती है । आवेदन की अंतिम तिथि के बाद, सत्यापन प्रक्रिया में कुछ महीने लगते हैं। आमतौर पर, भुगतान दिसंबर-जनवरी से शुरू होकर अगले कुछ महीनों तक चलता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, आवेदन जमा करने के 2 से 4 महीनों के भीतर राशि मिल जाती है । आप NSP पोर्टल या PFMS (Public Financial Management System) की वेबसाइट पर अपने बैंक खाते का विवरण डालकर भुगतान की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
निष्कर्ष
NSP स्कॉलरशिप भारत सरकार की एक बेहतरीन और क्रांतिकारी पहल है ताकि हर प्रतिभाशाली छात्र, चाहे उसकी आर्थिक या सामाजिक पृष्ठभूमि कैसी भी हो, बिना किसी रुकावट के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके। यह पोर्टल न सिर्फ वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है बल्कि पारदर्शिता, दक्षता और सुगमता का एक नया मानक भी स्थापित करता है। अगर आप पात्र हैं, तो इस अवसर का लाभ जरूर उठाएं। सही जानकारी, सही दस्तावेजों और थोड़ी से सावधानी के साथ आवेदन करें, और अपनी शिक्षा के सफर को और भी आसान बनाएं।
FAQs: NSP स्कॉलरशिप (हिंदी में)
1. NSP स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 2025 में क्या है?
2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए आधिकारिक अंतिम तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। पिछले वर्षों के पैटर्न को देखते हुए, आवेदन प्रक्रिया आमतौर पर सितंबर-अक्टूबर में शुरू होती है और अक्टूबर-नवंबर तक चलती है । सबसे सटीक और ताजा जानकारी के लिए NSP की आधिकारिक वेबसाइट [scholarships.gov.in](https://scholarships.gov.in/) पर नजर बनाए रखें।
2. क्या NSP स्कॉलरशिप सिर्फ गरीब छात्रों के लिए है?
जी हाँ, NSP पर उपलब्ध अधिकांश योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (SC, ST, OBC, EWS, अल्पसंख्यक) के छात्रों के लिए हैं, और उनके लिए एक आय सीमा निर्धारित है। हालाँकि, कुछ मेरिट-आधारित योजनाएं (जैसे राष्ट्रीय साधन-सह-मेरिट छात्रवृत्ति) सभी वर्गों के मेधावी छात्रों के लिए खुली हैं, बशर्ते उनकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा से कम हो।
3. NSP स्कॉलरशिप का पैसा कैसे और कब मिलता है?
पैसा सीधे आपके बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजा जाता है । आवेदन, संस्थान द्वारा सत्यापन, और नोडल अधिकारी द्वारा अनुमोदन की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, भुगतान आमतौर पर दिसंबर-जनवरी से लेकर अगले कुछ महीनों में मिलना शुरू हो जाता है। कुल मिलाकर, आवेदन जमा करने के 2-4 महीने बाद तक राशि मिल सकती है ।
4. अगर मेरी NSP स्कॉलरशिप रिजेक्ट हो जाती है तो क्या करूं?
सबसे पहले NSP पोर्टल पर लॉग इन करके रिजेक्शन का कारण चेक करें। आम कारणों में शामिल हैं: बैंक खाते का गलत विवरण, आय सीमा से अधिक होना, दस्तावेज गलत या अधूरे होना, न्यूनतम अंकों की कमी, या सत्यापन की अंतिम तिथि निकल जाना। रिजेक्शन का कारण पता चलने के बाद, आप उसे सुधार कर अगले साल फिर से आवेदन कर सकते हैं या फिर अपने संस्थान के छात्रवृत्ति प्रकोष्ठ से संपर्क करके अपील (Appeal) कर सकते हैं।
5. क्या OTR रजिस्ट्रेशन हर साल करना पड़ता है?
नहीं, वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, सिर्फ एक बार करना होता है। उसके बाद हर साल आप उसी Application ID और Password का इस्तेमाल करके लॉग इन कर सकते हैं और नई स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं या पुरानी स्कॉलरशिप का नवीनीकरण (Renewal) कर सकते हैं।
6. क्या NSP स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुल्क देना पड़ता है?
नहीं, NSP पोर्टल के through स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना पूरी तरह से निःशुल्क (Free of Cost) है । अगर कोई व्यक्ति या साइबर कैफे आपसे आवेदन शुल्क के रूप में पैसे मांगता है, तो यह गलत है। हाँ, वे आपको फॉर्म भरने की सेवा के लिए एक सेवा शुल्क (Service Charge) ले सकते हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई आवेदन शुल्क नहीं है।
References (सन्दर्भ):
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP). (n.d.). छात्रवृत्ति योजनाएं. Scholarships.gov.in.
- शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार. (n.d.). छात्रवृत्ति. Education.gov.in.




